वाराणसी, उत्तर प्रदेश - पूर्ण जानकारी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की स्थापना 10 फरवरी 1921 को असहयोग आंदोलन के दौरान राष्ट्र रत्न बाबू शिव प्रसाद गुप्ता और भारत रत्न डॉ. भगवान दास द्वारा की गई थी। यह एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय है जो उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन संचालित होता है।
विश्वविद्यालय विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरल स्तर के पाठ्यक्रम प्रदान करता है। नीचे कुछ प्रमुख कोर्स, उनकी अवधि और शुल्क (2025-2026 के अनुसार) की सूची दी गई है। शुल्क अनुमानित है और बदल सकता है।
| कोर्स | अवधि | शुल्क (प्रति वर्ष, INR) |
|---|---|---|
| एलएलबी (LLB) | 3 वर्ष | 9,570 (पूर्ण कोर्स) |
| एमए (MA) | 2 वर्ष | 5,040 - 23,040 |
| बीसीए (BCA) | 3 वर्ष | 90,000 |
| बीकॉम (B.Com) | 3 वर्ष | 6,330 |
| एमबीए (MBA) | 2 वर्ष | 19,000 - 1.02 लाख |
| पीएचडी (Ph.D) | 3-5 वर्ष | 55,000 |
| एलएलएम (LLM) | 2 वर्ष | 83,000 |
| एमएड (M.Ed) | 2 वर्ष | 6,380 |
| एमसीए (MCA) | 2 वर्ष | 67,800 |
| बीएफए (BFA) | 3 वर्ष | 12,760 |
नोट: अधिक कोर्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।
2025 के प्लेसमेंट डेटा के अनुसार, सबसे ऊंचा पैकेज एमबीए के लिए 6.5 लाख प्रति वर्ष (LPA) है। औसत पैकेज 3.5 LPA के आसपास है। कंपनियां: आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इंफोसिस आदि। कुल 510 यूजी छात्रों को प्लेसमेंट मिला।
विश्वविद्यालय में कई विभाग हैं। नीचे प्रमुख विभाग और उनके वर्तमान विभागाध्यक्ष (2025 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार) की सूची है। यह जानकारी बदल सकती है।
पूर्ण सूची के लिए आधिकारिक साइट https://www.mgkvp.ac.in/ देखें।
2025-26 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन है।
ऑनलाइन करने के लिए Apply Online बटन पर क्लिक करें
विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।